रविवार, 5 अप्रैल 2020

यशश्वी प्रधानमन्त्री जी के आह्वान में दीपोत्सव - देश आपके साथ है

switch off lights. light diyas


कोरोना संक्रमण पूरे विश्व पटल पर छाया हुआ है और सभी देश के जन जीवन पर बहुत ही गहरा असर डाले हुए है जिससे लोग प्रतिपल मौत के साये में है ।  ऐसे में इसे रोकने के लिए विश्व में जो भी जहाँ है अपने स्थान पर स्थिर हो चूका है । यह संकट की घडी है और इससे बचने का मात्र उपाय सामाजिक दुरी ही है । 

सामाजिक दूरी क्यों :- डॉक्टरो के सुझाव के अनुसार यह विषाणु छूने मात्र से दुसरे व्यक्ति को त्वरित संक्रमित कर देता है। इसका मतलब यदि एक भीड़ में 100 व्यक्ति में 1 व्यक्ति भी संक्रमित है तो कुछ ही पल में सभी को संक्रमित कर सकता है । ऐसे में एक ही उपाय है इसको रोकने का  सामाजिक दूरी अंग्रेजी में (social distance.) ।

इतिहास :- वस्तुतः सभी सुधी पाठको को पता है कि कोरोना वायरस (विषाणु) के बारे में लेकिन पुन: पुनरावृत्ति क्र दे रहा हूँ ।  कोरोनावायरस (Coronavirus) कई प्रकार के विषाणुओं (वायरस) का एक समूह है जो स्तनधारियों और पक्षियों में रोग उत्पन्न करता है। यह आरएनए वायरस होते हैं। इनके कारण मानवों में श्वास तंत्र संक्रमण पैदा हो सकता है जिसकी गहनता हल्की (जैसे सर्दी-जुकाम) से लेकर अति गम्भीर (जैसे, मृत्यु) तक हो सकती है। गाय और सूअर में इनके कारन अतिसार हो सकता है जबकि इनके कारण मुर्गियों के ऊपरी श्वास तंत्र के रोग उत्पन्न हो सकते हैं। इनकी रोकथाम के लिए कोई टीका (वैक्सीन) या विषाणुरोधी (antiviral) अभी उपलब्ध नहीं है । 

विस्तार :- इस विषाणु का जनक चीन देश है । कुछ लोगो का मनना है कि चीन विषाणु बम् बनाने में लगा था और उसी के रिशाव से ये भयानक स्तिथि जनित हुई है । इस विषाणु जनित महामारी का दंश आज पूरा विश्व झेल रहा है और पूरा विश्व परेशान है ।

भारत सरकार द्वारा देश भर में बंदी के आदेश और पालन न करने वालो के लिए समुचित दंड के इंतजाम किये है । इसे रोकने और इलाज के लिए प्रशासन , डॉक्टर और शोधकर्ता जी जन लगाकर इस दिशा में कार्यरत है ।
इस बीच भारत के यशश्वी प्रधानमंत्री देश के लोगो में व्याप्त डर को भगाने के लिए प्राचीन मान्यताओ का भी प्रयोग कर रहे है २३ मार्च को शाम ५ बजे शंखाध्वानी और घंटी बजाकर उर्जा उत्त्पन्न एवं इस कार्य में लगे सरकारी एवं स्वयंसेवियो के मनोबल बढ़ने के लिए किया जिसमे भारत के नागरिको ने माननीय प्रधानमंत्री जी के साथ खड़े रहे और एक संकल्प के साथ विभिन्न ध्वनियो से कोरोना बगाने का कार्य किया।

आज फिर यशश्वी प्रधानमंत्री जी के आह्वान में पुरे भारत वासियों ने अपने घरो में विधुत प्रकाश को ओछा दिखाते हुए दीपोत्सव मनाकर इस महामारी से छुटकारा पाने की जबर कोशिश की, जो  अपने प्रधानमंत्री जी के प्रति सम्मान और विश्वास को यह दिखाता है । इसके अतिरिक्त एनी कई देशो के प्रमुखों ने अपने देश में लागु किया जो दिखता है यशश्वी प्रधानमंत्री जी के रुतबे को और भारतीय संस्कृति के उछ्तं स्तम्भ को आदि कल से विश्व गुरु का स्थान लिए सर पर हिमालय का मुकुट धारण किये अटूट खड़ा है । 


जय हिन्द .... भारत माता की जय !!!

भारतीय संविधान के अनुच्छेद (Indian Constitution Articles)

भारत का संविधानभारत का सर्वोच्च विधान है जो संविधान सभा द्वारा 26 नवम्बर 1949 को पारित हुआ तथा 26 जनवरी 1950 से प्रभावी हुआ। यह दिन (26 नवम्बर) भारत के संविधान दिवस के रूप में घोषित किया गया है जबकि 26 जनवरी का दिन भारत में गणतन्त्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत का संविधान विश्व के किसी भी गणतांत्रिक देश का सबसे लंबा लिखित विधान है।भारतीय संविधान के प्रस्तावना के अनुसार भारत एक सम्प्रुभतासम्पन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, गणराज्य है।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद
भारतीय संविधान के अनुच्छेद (Indian Constitution Articles)

संविधान की प्रस्तावना:
हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी , धर्मनिरपेक्ष,लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को ,सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा उन सबमें व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करनेवाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई0 (मिति मार्ग शीर्ष शुक्ल सप्तमी, सम्वत् दो हजार छह विक्रमी) को एतदद्वारा
इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
  • अनुच्छेद (Article) 1 – संघ का नाम और  राज्य क्षेत्र
  • अनुच्छेद (Article) 2 – नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना
  • अनुच्छेद (Article) 3 – राज्य का निर्माण तथा सीमाओं या नामों मे परिवर्तन
  • अनुच्छेद (Article) 4 – पहली अनुसूचित व चौथी अनुसूची के संशोधन तथा दो और तीन के अधीन बनाई गई विधियां
  • अनुच्छेद (Article) 5 – संविधान के प्रारं पर नागरिकता
  • अनुच्छेद (Article) 6 – भारत आने वाले व्यक्तियों को नागरिकता
  • अनुच्छेद (Article) 7 – पाकिस्तान जाने वालों को नागरिकता
  • अनुच्छेद (Article) 8 – भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों का नागरिकता
  • अनुच्छेद (Article) 9 – विदेशी राज्य की नागरिकता लेने पर भारत का नागरिक ना होना
  • अनुच्छेद (Article) 10 – नागरिकता क अधिकारों का बना रहना
  • अनुच्छेद (Article) 11 – संसद द्वारा नागरिकता के लिए कानून का विनियमन
  • अनुच्छेद (Article) 12 – राज्य की परिभाषा
  • अनुच्छेद (Article) 13 – मूल अधिकारों को असंगत या अल्पीकरण करने वाली विधियां
  • अनुच्छेद (Article) 14 – विधि के समक्ष समानता
  • अनुच्छेद (Article) 15 – धर्म जाति लिंग पर भेद का प्रतिशेध
  • अनुच्छेद (Article) 16 – लोक नियोजन में अवसर की समानता
  • अनुच्छेद (Article) 17 – अस्पृश्यता का अंत
  • अनुच्छेद (Article) 18 – उपाधियों का अंत
  • अनुच्छेद (Article) 19 – वाक् की स्वतंत्रता
  • अनुच्छेद (Article) 20 – अपराधों के दोष सिद्धि के संबंध में संरक्षण
  • अनुच्छेद (Article) 21 – प्राण और दैहिक स्वतंत्रता
  • अनुच्छेद (Article) 21 क – 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अधिकार
  • अनुच्छेद (Article) 22 – कुछ दशाओं में गिरफ्तारी से सरंक्षण
  • अनुच्छेद (Article) 23 – मानव के दुर्व्यापार और बाल आश्रम
  • अनुच्छेद (Article) 24 – कारखानों में बालक का नियोजन का प्रतिशत
  • अनुच्छेद (Article) 25 – धर्म का आचरण और प्रचार की स्वतंत्रता
  • अनुच्छेद (Article) 26 – धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता
  • अनुच्छेद (Article) 29 – अल्पसंख्यक वर्गों के हितों का संरक्षण
  • अनुच्छेद (Article) 30 – शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन करने का अल्पसंख्यक वर्गों का अधिकार
  • अनुच्छेद (Article) 32 – अधिकारों को प्रवर्तित कराने के लिए उपचार
  • अनुच्छेद (Article) 36 – परिभाषा
  • अनुच्छेद (Article) 40 – ग्राम पंचायतों का संगठन
  • अनुच्छेद (Article) 48 – कृषि और पशुपालन संगठन
  • अनुच्छेद (Article) 48क – पर्यावरण वन तथा वन्य जीवों की रक्षा
  • अनुच्छेद (Article) 49- राष्ट्रीय स्मारक स्थानों और वस्तुओं का संरक्षण
  • अनुच्छेद (Article) 50 – कार्यपालिका से न्यायपालिका का प्रथक्करण
  • अनुच्छेद (Article) 51 – अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा
  • अनुच्छेद (Article) 51क – मूल कर्तव्य (42 वें संविधान संशोधन  में मूल कर्तव्य (10) जोड़े गये तथा 11 वाँ मूल कर्तव्य 86 वें संविधान संशोधन में जोड़ा गया)
  • अनुच्छेद (Article) 52 – भारत का राष्ट्रपति
  • अनुच्छेद (Article) 53 – संघ की कार्यपालिका शक्ति
  • अनुच्छेद (Article) 54 – राष्ट्रपति का निर्वाचन
  • अनुच्छेद (Article) 55 – राष्ट्रपति के निर्वाचन की रीती
  • अनुच्छेद (Article) 56 – राष्ट्रपति की पदावधि
  • अनुच्छेद (Article) 57 – पुनर्निर्वाचन के लिए पात्रता
  • अनुच्छेद (Article) 58 – राष्ट्रपति निर्वाचित होने के लिए आहर्ताए
  • अनुच्छेद (Article) 59 – राष्ट्रपति पद के लिए शर्ते
  • अनुच्छेद (Article) 60 – राष्ट्रपति की शपथ
  • अनुच्छेद (Article) 61 – राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया
  • अनुच्छेद (Article) 62 – राष्ट्रपति पद पर व्यक्ति को भरने के लिए निर्वाचन का समय और रीतियां
  • अनुच्छेद (Article) 63 – भारत का उपराष्ट्रपति
  • अनुच्छेद (Article) 64 – उपराष्ट्रपति का राज्यसभा का पदेन सभापति होना
  • अनुच्छेद (Article) 65 – राष्ट्रपति के पद की रिक्त पर उप राष्ट्रपति के कार्य
  • अनुच्छेद (Article) 66 – उप-राष्ट्रपति का निर्वाचन
  • अनुच्छेद (Article) 67 – उपराष्ट्रपति की पदावधि
  • अनुच्छेद (Article) 68 – उप राष्ट्रपति के पद की रिक्त पद भरने के लिए निर्वाचन
  • अनुच्छेद (Article) 69 – उप राष्ट्रपति द्वारा शपथ
  • अनुच्छेद (Article) 70 – अन्य आकस्मिकता में राष्ट्रपति के कर्तव्यों का निर्वहन
  • अनुच्छेद (Article) 71. – राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन संबंधित विषय
  • अनुच्छेद (Article) 72 – क्षमादान की शक्ति
  • अनुच्छेद (Article) 73 – संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार
  • अनुच्छेद (Article) 74 – राष्ट्रपति को सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद
  • अनुच्छेद (Article) 75 – मंत्रियों के बारे में उपबंध
  • अनुच्छेद (Article) 76 – भारत का महान्यायवादी
  • अनुच्छेद (Article) 77 – भारत सरकार के कार्य का संचालन
  • अनुच्छेद (Article) 78 – राष्ट्रपति को जानकारी देने के प्रधानमंत्री के कर्तव्य
  • अनुच्छेद (Article) 79 – संसद का गठन
  • अनुच्छेद (Article) 80 – राज्य सभा की सरंचना
  • अनुच्छेद (Article) 81 – लोकसभा की संरचना
  • अनुच्छेद (Article) 83 – संसद के सदनो की अवधि
  • अनुच्छेद (Article) 84 – संसद के सदस्यों के लिए अहर्ता
  • अनुच्छेद (Article) 85 – संसद का सत्र सत्रावसान और विघटन
  • अनुच्छेद (Article) 87 – राष्ट्रपति का विशेष अभी भाषण
  • अनुच्छेद (Article) 88 – सदनों के बारे में मंत्रियों और महानयायवादी अधिकार
  • अनुच्छेद (Article) 89 – राज्यसभा का सभापति और उपसभापति
  • अनुच्छेद (Article) 90 – उपसभापति का पद रिक्त होना या पद हटाया जाना
  • अनुच्छेद (Article) 91 – सभापति के कर्तव्यों का पालन और शक्ति
  • अनुच्छेद (Article) 92 – सभापति या उपसभापति को पद से हटाने का संकल्प विचाराधीन हो तब उसका पीठासीन ना होना
  • अनुच्छेद (Article) 93 – लोकसभा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
  • अनुच्छेद (Article) 94 – अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद रिक्त होना
  • अनुच्छेद (Article) 95 – अध्यक्ष में कर्तव्य एवं शक्तियां
  • अनुच्छेद (Article) 96 – अध्यक्ष उपाध्यक्ष को पद से हटाने का संकल्प हो तब उसका पीठासीन ना होना
  • अनुच्छेद (Article) 97 – सभापति उपसभापति तथा अध्यक्ष,उपाध्यक्ष के वेतन और भत्ते
  • अनुच्छेद (Article) 98 – संसद का सविचालय
  • अनुच्छेद (Article) 99 – सदस्य द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
  • अनुच्छेद (Article) 100 – संसाधनों में मतदान रिक्तियां के होते हुए भी सदनों के कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति
  • अनुच्छेद (Article) 108 – कुछ दशाओं में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक
  • अनुच्छेद (Article) 109 – धन विधेयक के संबंध में विशेष प्रक्रिया
  • अनुच्छेद (Article) 110 – धन विधायक की परिभाषा
  • अनुच्छेद (Article) 111 – विधेयकों पर अनुमति
  • अनुच्छेद (Article) 112 – वार्षिक वित्तीय विवरण
  • अनुच्छेद (Article) 118 – प्रक्रिया के नियम
  • अनुच्छेद (Article) 120 – संसद में प्रयोग की जाने वाली भाषा
  • अनुच्छेद (Article) 123 – संसद विश्रांति काल में राष्ट्रपति की अध्यादेश शक्ति
  • अनुच्छेद (Article) 124 – उच्चतम न्यायालय की स्थापना और गठन
  • अनुच्छेद (Article) 125 – न्यायाधीशों का वेतन
  • अनुच्छेद (Article) 126 – कार्य कार्य मुख्य न्याय मूर्ति की नियुक्ति
  • अनुच्छेद (Article) 127 – तदर्थ न्यायमूर्तियों की नियुक्ति
  • अनुच्छेद (Article) 128 – सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की उपस्थिति
  • अनुच्छेद (Article) 129 – उच्चतम न्यायालय का अभिलेख नयायालय होना
  • अनुच्छेद (Article) 130 – उच्चतम न्यायालय का स्थान
  • अनुच्छेद (Article) 131 – उच्चतम न्यायालय की आरंभिक अधिकारिता
  • अनुच्छेद (Article) 137 – निर्णय एवं आदेशों का पुनर्विलोकन
  • अनुच्छेद (Article) 143 – उच्चतम न्यायालय से परामर्श करने की राष्ट्रपति की शक्ति
  • अनुच्छेद (Article)144 – सिविल एवं न्यायिक पदाधिकारियों द्वारा उच्चतम न्यायालय की सहायता
  • अनुच्छेद (Article) 148 – भारत का नियंत्रक महालेखा परीक्षक
  • अनुच्छेद (Article) 149 – नियंत्रक महालेखा परीक्षक के कर्तव्य शक्तिया
  • अनुच्छेद (Article) 150 – संघ के राज्यों के लेखन का प्रारूप
  • अनुच्छेद (Article) 153 – राज्यों के राज्यपाल
  • अनुच्छेद (Article) 154 – राज्य की कार्यपालिका शक्ति
  • अनुच्छेद (Article) 155 – राज्यपाल की नियुक्ति
  • अनुच्छेद (Article) 156 – राज्यपाल की पदावधि
  • अनुच्छेद (Article) 157 – राज्यपाल नियुक्त होने की अर्हताएँ
  • अनुच्छेद (Article) 158 – राज्यपाल के पद के लिए शर्तें
  • अनुच्छेद (Article) 159 – राज्यपाल द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
  • अनुच्छेद (Article) 163 – राज्यपाल को सलाह देने के लिए मंत्री परिषद
  • अनुच्छेद (Article) 164 – मंत्रियों के बारे में अन्य उपबंध
  • अनुच्छेद (Article) 165 – राज्य का महाधिवक्ता
  • अनुच्छेद (Article) 166 – राज्य सरकार का संचालन
  • अनुच्छेद (Article) 167 – राज्यपाल को जानकारी देने के संबंध में मुख्यमंत्री के कर्तव्य
  • अनुच्छेद (Article) 168 – राज्य के विधान मंडल का गठन
  • अनुच्छेद (Article) 170 – विधानसभाओं की संरचना
  • अनुच्छेद (Article) 171 – विधान परिषद की संरचना
  • अनुच्छेद (Article) 172 – राज्यों के विधानमंडल कि अवधी
  • अनुच्छेद (Article) 176 – राज्यपाल का विशेष अभिभाषण
  • अनुच्छेद (Article) 177 – सदनों के बारे में मंत्रियों और महाधिवक्ता के अधिकार
  • अनुच्छेद (Article) 178 – विधानसभा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
  • अनुच्छेद (Article) 179 – अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद रिक्त होना या पद से हटाया जाना
  • अनुच्छेद (Article) 180 – अध्यक्ष के पदों के कार्य व शक्ति
  • अनुच्छेद (Article) 181 – अध्यक्ष उपाध्यक्ष को पद से हटाने का कोई संकल्प पारित होने पर उसका पिठासिन ना होना
  • अनुच्छेद (Article) 182 – विधान परिषद का सभापति और उपसभापति
  • अनुच्छेद (Article) 183 – सभापति और उपासभापति का पद रिक्त होना पद त्याग या पद से हटाया जाना
  • अनुच्छेद (Article) 184 – सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन व शक्ति
  • अनुच्छेद (Article) 185 – संभापति उपसभापति को पद से हटाए जाने का संकल्प विचाराधीन होने पर उसका पीठासीन ना होना
  • अनुच्छेद (Article) 186 – अध्यक्ष उपाध्यक्ष सभापति और उपसभापति के वेतन और भत्ते
  • अनुच्छेद (Article) 187 – राज्य के विधान मंडल का सविचाल.
  • अनुच्छेद (Article) 188 – सदस्यों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
  • अनुच्छेद (Article) 189 – सदनों में मतदान रिक्तियां होते हुए भी साधनों का कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति
  • अनुच्छेद (Article) 199 – धन विदेश की परिभाषा
  • अनुच्छेद (Article) 200 – विधायकों पर अनुमति
  • अनुच्छेद (Article) 202 – वार्षिक वित्तीय विवरण
  • अनुच्छेद (Article) 213 – विधानमंडल में अध्यादेश सत्यापित करने के राज्यपाल की शक्ति
  • अनुच्छेद (Article) 214 – राज्यों के लिए उच्च न्यायालय
  • अनुच्छेद (Article) 215 – उच्च न्यायालयों का अभिलेख न्यायालय होना
  • अनुच्छेद (Article) 216 – उच्च न्यायालय का गठन
  • अनुच्छेद (Article) 217 – उच्च न्यायालय न्यायाधीश की नियुक्ति पद्धति शर्तें
  • अनुच्छेद (Article) 221 – न्यायाधीशों का वेतन
  • अनुच्छेद (Article) 222 – एक न्यायालय से दूसरे न्यायालय में न्यायाधीशों का अंतरण
  • अनुच्छेद (Article) 223 – कार्यकारी मुख्य न्याय मूर्ति के नियुक्ति
  • अनुच्छेद (Article) 224 – अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति
  • अनुच्छेद (Article) 226 – कुछ रिट निकालने के लिए उच्च न्यायालय की शक्ति
  • अनुच्छेद (Article) 231 – दो या अधिक राज्यों के लिए एक ही उच्च न्यायालय की स्थापना
  • अनुच्छेद (Article) 233 – जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति
  • अनुच्छेद (Article) 241 – संघ राज्य क्षेत्र के लिए उच्च-न्यायालय
  • अनुच्छेद (Article) 243 – पंचायत नगर पालिकाएं एवं सहकारी समितियां
  • अनुच्छेद (Article) 244 – अनुसूचित क्षेत्रो व जनजाति क्षेत्रों का प्रशासन
  • अनुच्छेद (Article) 248 – अवशिष्ट विधाई शक्तियां
  • अनुच्छेद (Article) 252 – दो या अधिक राज्य के लिए सहमति से विधि बनाने की संसद की शक्ति
  • अनुच्छेद (Article) 254 – संसद द्वारा बनाई गई विधियों और राज्यों के विधान मंडल द्वारा बनाए गए विधियों में असंगति
  • अनुच्छेद (Article) 256 – राज्यों की और संघ की बाध्यता
  • अनुच्छेद (Article) 257 – कुछ दशाओं में राज्यों पर संघ का नियंत्रण
  • अनुच्छेद (Article) 262 – अंतर्राज्यक नदियों या नदी दूनों के जल संबंधी विवादों का न्याय निर्णय
  • अनुच्छेद (Article) 263 – अंतर्राज्यीय विकास परिषद का गठन
  • अनुच्छेद (Article) 266 – संचित निधी
  • अनुच्छेद (Article) 267 – आकस्मिकता निधि
  • अनुच्छेद (Article) 269 – संघ द्वारा उद्ग्रहित और संग्रहित किंतु राज्यों को सौपे जाने वाले कर
  • अनुच्छेद (Article) 270 – संघ द्वारा इकट्ठे किए कर संघ और राज्यों के बीच वितरित किए जाने वाले कर
  • अनुच्छेद (Article) 280 – वित्त आयोग
  • अनुच्छेद (Article) 281 – वित्त आयोग की सिफारिशे
  • अनुच्छेद (Article) 292 – भारत सरकार द्वारा उधार लेना
  • अनुच्छेद (Article) 293 – राज्य द्वारा उधार लेना
  • अनुच्छेद (Article) 300 क – संपत्ति का अधिकार
  • अनुच्छेद (Article) 301 – व्यापार वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता
  • अनुच्छेद (Article) 309 – राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की भर्ती और सेवा की शर्तों
  • अनुच्छेद (Article) 310 – संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की पदावधि
  • अनुच्छेद (Article) 313 – संक्रमण कालीन उपबंध
  • अनुच्छेद (Article) 315 – संघ राज्य के लिए लोक सेवा आयोग
  • अनुच्छेद (Article) 316 – सदस्यों की नियुक्ति एवं पदावधि
  • अनुच्छेद (Article) 317 – लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य को हटाया जाना या निलंबित किया जाना
  • अनुच्छेद (Article) 320 – लोकसेवा आयोग के कृत्य
  • अनुच्छेद (Article) 323 क – प्रशासनिक अधिकरण
  • अनुच्छेद (Article) 323 ख – अन्य विषयों के लिए अधिकरण
  • अनुच्छेद (Article) 324 – निर्वाचनो के अधिक्षण निर्देशन और नियंत्रण का निर्वाचन आयोग में निहित होना
  • अनुच्छेद (Article) 329 – निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालय के हस्तक्षेप का वर्णन
  • अनुच्छेद (Article) 330 – लोक सभा में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिये स्थानो का आरणण
  • अनुच्छेद (Article) 331 – लोक सभा में आंग्ल भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व
  • अनुच्छेद (Article) 332 – राज्य के विधान सभा में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के लिए स्थानों का आरक्षण
  • अनुच्छेद (Article) 333 – राज्य की विधानसभा में आंग्ल भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व
  • अनुच्छेद (Article) 343 – संघ की परिभाषा
  • अनुच्छेद (Article) 344 – राजभाषा के संबंध में आयोग और संसद की समिति
  • अनुच्छेद (Article) 350 क – प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की सुविधाएं
  • अनुच्छेद (Article) 351 – हिंदी भाषा के विकास के लिए निर्देश
  • अनुच्छेद (Article) 352 – आपात की उदघोषणा का प्रभाव
  • अनुच्छेद (Article) 356 – राज्य में संवैधानिक तंत्र के विफल हो जाने की दशा में उपबंध
  • अनुच्छेद (Article) 360 – वित्तीय आपात के बारे में उपबंध
  • अनुच्छेद (Article) 368 – सविधान का संशोधन करने की संसद की शक्ति और उसकी प्रक्रिया
  • अनुच्छेद (Article) 377 – भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक के बारे में उपबंध
  • अनुच्छेद (Article) 378 – लोक सेवा आयोग के बारे
  • अनुच्छेद (Article)378क आंध्र प्रदेश विधान सभा की अवधि के बारे में विशेष उपबंध.
  • अनुच्छेद (Article)379-391 [निरसन]
  • अनुच्छेद (Article)392 कठिनाइयों को दूर करने की राष्‍ष्‍ट्रपति की शक्ति.
  • अनुच्छेद (Article)378क आंध्र प्रदेश विधान सभा की अवधि के बारे में विशेष उपबंध.
  • अनुच्छेद (Article)379-391 [निरसन]
  • अनुच्छेद (Article)392 कठिनाइयों को दूर करने की राष्‍ष्‍ट्रपति की शक्ति.
अनुसूचियां -

१. पहली अनुसूची 
I. - राज्‍य.
II. - संघ राज्‍य क्षेत्र.

२. दूसरी अनुसूची
भाग क - राष्‍ट्रपति और राज्‍यों के राज्‍यपालों के बारे में उपबंध.
भाग ख - [निरसन]
भाग ग - लोक सभा के अध्‍यक्ष और उपाध्‍यक्ष के तथा राज्‍य सभा के सभापति और उप सभापति के तथा (राज्‍य) की विधान सभा के अध्‍यक्ष और उपाध्‍यक्ष के तथा विधान परिषद के सभापति और उप सभापति के बारे में उपबंध.
भाग घ - उच्‍चतम न्‍यायालय और उच्‍च न्‍यायालयों के न्‍यायाधीशों के बारे में उपबंध.
भाग ड - भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षण के बारे में उपबंध.

तीसरी अनुसूची
- शपथ या प्रतिज्ञान के प्ररूप.

चौथी अनुसूची
- राज्‍य सभा में स्‍थानों का आबंटन.

पांचवीं अनुसूची
अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में उपबंध.

भाग क - साधारण.
भाग ख - अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों का प्रशासन और नियंत्रण.
भाग ग - अनुसूचित क्षेत्र.
भाग घ - अनुसूची का संशोधन.

छठवीं अनुसूची
असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्‍यों में जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के प्रावधान.

सातवीं अनुसूची
सूची I - संघ सूची.
सूची II - राज्‍य सूची.
सूची III - समवर्ती सूची.

आठवीं अनुसूची
- भाषाएं.

नौवीं अनुसूची
- विशिष्‍ट अधिनियमों और विनियमों का सत्‍यापन.

दसवीं अनुसूची 
-दल परिवर्तन के आधार पर निरर्हता के बारे में उपबंध.

ग्‍यारहवीं अनुसूची
- पंचायतों के अधिकार, प्राधिकार और दायित्‍व.

बारहवीं अनुसूची
- नगरपालिकाओं के अधिकार, प्राधिकार तथा दायित्‍व आदि.

गुरुवार, 26 मार्च 2020

कोरोना वायरस क्या है ???

परिचय :-
कोरोनावायरस (Coronavirus) कई प्रकार के विषाणुओं (वायरस) का एक समूह है जो स्तनधारियों और पक्षियों में रोग उत्पन्न करता है। यह आरएनए वायरस होते हैं। इनके कारण मानवों में श्वास तंत्र संक्रमण पैदा हो सकता है जिसकी गहनता हल्की (जैसे सर्दी-जुकाम) से लेकर अति गम्भीर (जैसे, मृत्यु) तक हो सकती है। गाय और सूअर में इनके कारन अतिसार हो सकता है जबकि इनके कारण मुर्गियों के ऊपरी श्वास तंत्र के रोग उत्पन्न हो सकते हैं। इनकी रोकथाम के लिए कोई टीका (वैक्सीन) या विषाणुरोधी (antiviral) अभी उपलब्ध नहीं है ।

कोरोना वायरस (चित्र गूगल से लिया गया है )

लक्षण:-
कोरोना वायरस सके लक्षण निम्नवत है -
१. बुखार
२. श्वास लेने में दिक्कत
३. छाती में जकडन
४. नाक बहना
५. सिरदर्द
६- अस्वस्थ महसूस होना
७, निमोनिया

विस्तार:-
कोरोना वायरस ( Coronavirus ) एक जानलेवा महामारी बन चुका है। ये वायरस चीन के वुहान शहर से निकलकर पूरी दुनिया में फैल चुका है। कोरोना वायरस ( COVID-19 ) ने चीन, अमेरिका, इटली, दक्षिण कोरिया, ईरान, ब्रिटेन, जापान आदि देशों में कहर बरपा रखा है।

सावधानियाँ:- 
१. कोरोना से प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में न आना
२. यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति है तो पुलिस को सूचित करना
३. हाथ हैण्ड वाश करते रहना
४. कही निकलने या किसी को छूने के बाद हैण्ड वाश
५. मास्क का प्रयोग

21 दिन का लॉकडाउन:-
भारत में कोरोना वायरस के लिए प्रारम्भिक स्तर पर एक दिन के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी ने घर पर रहकर कर्फु के लिए लोगो से मदद मागी लेकिन इसके उत्तरोत्तर वृद्धि के कारण २४ मार्च को २१ दिन (24 मार्च से 14 अप्रैल) की शाम 6 बजे के लिए पूरे भारतवर्ष में लॉकडाउन की घोषणा माननीय प्रधानमन्त्री जी ने किया । इसके साथ ही राज्यों के प्रशासन से भी अपेक्षित सहयोग करने को कहा गया। यह लॉकडाउन कोरोना वायरस को तीसरे चरण में रोकने के लिए किया गया है । इस सक्रमण के मद्देनजर २२ मार्च से ३१ मार्च तक रेलवे का परिचालन ठप्प कर दिया गया है।

आवश्यकता :-
भारत जो कि बहुत जनसंख्या वाला देश है लेकिन आज भी आजादी के 8 दशक पूरा होने के पश्चात् स्वास्थ्य सेवाओ में बहुत ही पीछे है । आज भी भारत देश में कोई आपदा आ जाती है तो उसको वैज्ञानिक स्तर पर रेस्क्यू करने मे बहुत ही असुविधाओ से गुजरना पड़ता है । इसके साथ ही लोगो में बहुत ही जागरूकता का आभाव है । 
इसके अतिरिक्त लोगो में देश-हित की भावना का आभाव है क्योकि किसी भी विपदा में व्यक्ति अपनी हुंडी भरने में व्यस्त हो जाता है । जो कि देश के लिए बहत ही घातक है 

आपातकालीन सेवाए :-
भारत सर्कार द्वारा जारी +91-9013151515 व्हाट्स एप द्वारा कोरोना सम्बंधित जानकारी प्रदान करता है ।
इसके लिए किसी भी समय आपातकालीन नम्बर 011-23978046 एवं टोल फ्री नंबर  1075 या ईमेल ncov2019@gov.com द्वारा संपर्क क्रर सकते है ।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) के हेल्पलाइन नंबर

1 आंध्र प्रदेश 0866-2410978
2 अरुणाचल प्रदेश 9436055743
3 असम 6913347770
4 बिहार 104
5 छत्तीसगढ़ 104
६ गोवा १०४
7 गुजरात 104
8 हरियाणा 8558893911
9 हिमाचल प्रदेश 104
10 झारखंड 104
११ कर्नाटक १०४
12 केरल 0471-2552056
13 मध्य प्रदेश 104
14 महाराष्ट्र 020-26127394
15 मणिपुर 3852411668
16 मेघालय 108
17 मिजोरम 102
18 नागालैंड 7005539653
19 ओडिशा 9439994859
20 पंजाब 104
21 राजस्थान 0141-2225624
22 सिक्किम 104
23 तमिलनाडु 044-29510500
24 तेलंगाना 104
25 त्रिपुरा 0381-2315879
26 उत्तराखंड 104
27 उत्तर प्रदेश 18001805145
28 पश्चिम बंगाल 1800313444222, 03323412600,

केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) के हेल्पलाइन नं -
1 अंडमान और निकोबार
द्वीप
03192-232102
2 चंडीगढ़ 9779558282
3 दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव 104
4 दिल्ली 011-22307145
5 जम्मू और कश्मीर 01912520982, 0194-2440283
6 लद्दाख 01982256462
7 लक्षद्वीप 104
8 पुडुचेरी 104

बुधवार, 25 मार्च 2020

माँ अलोपी देवी @ माँ अलोपशंकरी प्रयागराज

माँ अलोपी देवी (अलोपशंकरी)

माँ अलोपी देवी (picture taken by google)
इतिहास :- 

पौराणिक कथा के अनुसार राजा दक्ष यज्ञ  में भगवान शिव की निंदा सुनकर माता सती ने प्राण त्याग दिए , तब उनके मृत शरीर को लेकर देवाधिदेव क्रुद्ध होकर तांडव नृत्य करने लगे । शिव को शांत करने के लिए श्रीनारायण ने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को 51 भाग में काट दिया । सती का अंग जहां - जहां गिरा वह शक्तिपीठ के रूप में आज भी पूजे जाते हैं ।

स्थान :- 

संगम से कुछ दूरी पर विशेषता  स्थित अलोपीबाग मुहल्ले  में मां अलोपशंकरी का प्राचीन महाशक्ति  पीठ मंदिर है । यह एक ऐसा खास मंदिर है, जहां कोई मूर्ति नहीं रखी गई है। पुराणों के अनुसार, यहां मां सती के दाहिने हाथ का पंजा एक कुंड में गिरकर लुप्त हो गया था। अतः यह मंदिर मां शक्ति के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। यहां मां भगवती के पालने की  पूजा अलोपशकरी के रूप में होती है ।   वर्तमान समय में मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी महानिर्वाणी अखाड़ा के पास है ।

विशेषता:-  

अलोपशकरी मंदिर में भक्त मंदिर में स्थित पालने पर मत्था टेककर पूजा करते हैं ।यह प्रसिद्ध शक्ति पीठ है और इस कुंड के जल को चमत्कारिक शक्तियों वाला माना जाता है। अलोपी देवी के मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। मान्यता है कि यहाँ कलाई पर रक्षा सूत्र बाँधकर मन्नत माँगने वाले भक्तों की हर कामना पूरी होती है और हाथ में धागा बंधे रहने तक देवी उनकी रक्षा करती हैं।  नवरात्र में यहां मां का श्रृंगार तो नहीं होता उनके स्वरूपों के अनुसार पाठ किया जाता है । हर सोमवार व शुक्रवार को विशाल मेला लगता है । यहां दूर - दूर से आकर भक्त मुंडन व नक , कर्ण छेदन कराते है ।

वास्तुकला :-

माँ  का मंदिर श्रीयंत्र पर आधारित है । मंदिर का विशाल गुंबद हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है । मन की  मुराद पूरी करने के लिए भक्त नवरात्र के दौरान व्रत , पूजन से  शक्ति स्वरूपा मां भगवती की आराधना करेंगे ।

कैसे पहुँचे :-

यदि आप प्रयागराज जंक्शन पर है तो शहर के तरफ से JUNNRM या टैक्सी से अलोपशंकरी तक पहुच सकते है इसके अतिरिक्त यदि प्रयाग  या प्रयागराज रामबाग  स्टेशन पर है तो टेम्पो से सीधे पहच सकते है । यह संगम मार्ग पर स्थित है यदि संगम स्नान के उपरांत पहुचना चाहते है तो भी आसानी से पैदल या टैक्सी की सहायता से पहुच सकते है ।

इसी के साथ मै सभी सुधी पाठकजनों को नवरात्री के पवन पर्व की बधाई देता हूँ और माँ भगवती सभी का कल्याण करे कि ढेर साडी शुभकामनाये 

बुधवार, 20 दिसंबर 2017

इलाहाबाद के पार्क ~ मिंटो पार्क

Minto Park Prayagraj formerly Allahabad
शहरों में पार्क ही एक सार्वजनिक स्थल है जहा लोग सुबह में व्यायाम योग एवम इष्ट मित्र से अनौपचारिक मेल मिलाप करते है। लेकिन समय के साथ लोगो द्वारा अतिक्रमित और बहुत ही गंदा होता जा रहा है ।
नाम पट्टिका (हिंदी) ~मिंटो पार्क
नाम पट्टिका (अंग्रेजी) - मिनट पार्क
यह मिंटो पार्क जो प्रचलित नाम है वैसे इसका आधिकारिक नाम महामना मैदान मोहन मालवीय पार्क है । यह शहर के कीडगंज क्षेत्र में स्थित है । यह नए पुल से पूर्व एवम मुख्य द्वार तथा यमुना के उत्तर (अन्य द्वार) में है। इसके अंदर वन विभाग का कार्यालय है एवम जंगली पौधों की पौधशाला भी है। 
मुख्य द्वार (मिंटो पार्क)
अन्य द्वार ~आंतरिक (मिंटो पार्क)
 स्थापना और पार्क का इतिहास यह पर शिलापट्ट में उल्लिखित है जो निम्न है -


मैग्ना कार्टा - मिंटो पार्क

" ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की नीतियों के अत्यधिक विरोध के कारण भारत में स्वतंत्रता की मांग मुखर हुई जिसके फलस्वरूप भारत के प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम 1857 या सैनिक विद्रोह का सूत्रपात हुआ। जिससे विवश होकर ब्रिटिश सरकार ने 1 नवम्बर 1858 को शाही उदघोषणा की गयी। इस उदघोषणा पत्र पर जिसे भारत का"मैग्ना कार्टा" भी कहा जाता है, लगभग 50 वर्षों तक विशेष ध्यान नही दिया गया तथा इस उदघोषणा में निहित सिद्धान्तों की भी अनदेखी की गई।

           सन 1911 में वायसराय लार्ड मिंटो के कार्यकाल में जिस स्थान पर महारानी विक्टोरिया की उदघोषणा पढ़ी गयी थी वहाँ पर स्तम्भ का निर्माण प्रस्तावित किया गया। इस स्तम्भ के चारो ओर एक पार्क का भी निर्माण भी लार्ड मिंटो के नाम पर 'मिंटो पार्क' भी प्रस्तावित किया गया, मिंटो पार्क का आधार शिला लार्ड मिंटो द्वारा रखी गयी तथा भारतीय मैग्ना कार्टा के प्रतीक के रूप में मिंटो पार्क का निर्माण हुआ। पार्क के अंदर ऐसे स्थान पर जहाँ सैकड़ों राजाओ एवम भारत वासियों के समक्ष विशाल दरबार मे उदघोषणा पत्र पढ़ा गया था, उदघोषणा स्तम्भ लगाए जाने का प्रस्ताव नवम्बर 1958 को महामना पण्डित मदन मोहन मालवीय की अध्यक्षता में हुई बैठक में पारित हुआ। महामना पण्डित मदन मोहन मालवीय ने लोगो से पार्क एवम उदघोषणा स्तम्भ के निर्माण में सहायतार्थ अपील की फलस्वरूप विभिन्न महाराजाओ नवाबो तथा भारत के सम्माननीय नागरिको से 1,32,897 रु• का कोष प्राप्त किया। इस पार्क के प्रति महामना पं• मदन मोहन मालवीय के योगदान को देखते हुए मिंटो पार्क मेमोरियल कमेटी द्वारा सन 1977में इसका नाम मदन मोहन मालवीय पार्क रखा गया।"

पार्क का इतिहास -मिंटो पार्क
अशोक स्तंभ - उदघोषणा स्थल

उदघोषणा स्थल - मिंटो पार्क

शहर के अन्य पार्क की भांति यह भी निगम की ओर से हेय दृष्टि से देखे जाने की वजह से वन विभाग कार्यालय होने के कारण आने जाने योग्य था। परंतु वर्ष 2012 में क्षेत्र के विभिन्न संगठनों और पार्षद के कारण यह प्रशासन की दृष्टि में आया और इसके लिए भी निगम द्वारा सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू हुआ। यह पार्क सीसीटीवी कैमरों से सुसज्जित, स्वच्छ जल एवं शौचालय से परिपूर्ण है ।

सीसीटीव कैमरा
शौचालय-मिंटो पार्क
अगर आपको परिवार के साथ बाहर जाना है तो मिंटो पार्क सबसे अच्छा स्थल है क्योंकि इसके साथ ही आप श्री मनकामेश्वर भगवान का दर्शन कर सकते है एवम नए पुल के पास तथा पुल पर सेल्फी और आनंद ले सकते है । यह पार्क मानव जीवन के विभिन्न जरूरतों से परिपूर्ण है । अगर आप दौड़ या व्यायाम करना चाहते है तो सड़क एवम लॉन है। हाँ अगर आपको कुछ खाना है तो यह रेस्टोरेंट भी उपलब्ध है।
रेटोरेन्ट-मिंटो पार्क
पार्क में बच्चों के लिए वोटिंग झूले और अन्य साधन उपलब्ध है। पार्क में पर्यावरण संरक्षण एवं गंगा रक्षण के लिए जागरूकता बोर्ड लगाए गए है।



अगर आपको शहर के किसी भी अन्य स्थल के बारे में जानकारी चाहते है तो अपनी टिप्पणी में अवश्य लिखे ।
और अधिक पार्क के बारे में वीडियो देखें ।




शनिवार, 9 दिसंबर 2017

कर्ज़न सेतु @ मोतीलाल नेहरू सेतु इलाहाबाद

कर्ज़न सेतु @ मोतीलाल नेहरू सेतु पूर्वांचल को अवध से जोड़ने में सबसे सहायक सेतु था। यह आज 213 साल का जर्जर पुल है जिसमे आज भी दो पहिया का आवागमन है। यह इलाहाबाद का सबसे ऊंचा पुल इसीलिए स्काई-वाक कहा जाता है।

इस पुल में रेल एवम सड़क मार्ग दोनो है जिसमे ऊपरी सड़क तथा निचली सतह रेल मार्ग है।यह लोहे से निर्मित है ।इसका निर्माण लार्ड कर्ज़न ने 1904 में अवध को प्रयाग से जोड़ने के लिए किया था । आजादी के बाद 1948 में इसका नाम बदलकर मोतीलाल नेहरू सेतु कर दिया गया। 1998 में रेल मार्ग पूरी तरह बंद कर दिया गया   । सेतु से दाहिने रेल सेतु एवम बाये सड़क पुल स्थित है जिससे आवागमन हो रहा है।

रेल प्रशासन ने इसे तोड़ने के लिए नीलामी प्रक्रिया शुरू किया था लेकिन बुद्धिजीवियों के विरोध से यह राष्ट्रीय धरोहर के रूप में स्थापित करने का कार्य चल रहा है। इसको स्काई-वाक के रूप में संजोया जाएगा और सौदर्यीकरण कर आम जनता के लिए पर्यटन स्थल की तरह  प्रयोग होगा।

इसको जीवंत बनाने के लिए हॉल ही में एक फ़िल्म 'शादी में जरूर आना' जिसमे इसकर दृश्य को दिखाया गया है । इस फ़िल्म की एक गाने में इसको चित्रित किया गया है ।



इस फ़िल्म के Official Trailer में इसको दिखाया गया है। फ़िल्म के इस trailer के साथ ही लोगों की आवागमन और तेज हो गया है जिनको पता नही था वो लोग भी आकर्षित होने लगे है जिसमे खासकर प्रेमी युगल जो फिल्मो को देखकर वैसे ही सपने संजोते है। दुखद और नौजवानों के लिए एक संदेश भी कि दिवालो पर या फर्श पर अपने प्यार का इजहार और मनचले गंदे शब्दो को न लिखें।

भविष्य में इलाहाबाद संबंधित जानकारी के लिए इस पेज को suscribe अवश्य करे ।


सोमवार, 27 नवंबर 2017

ग्राम पंचायत में संचालित कार्यो को कैसे जाने ?

दोस्तो नमस्कार,
मैं आज एक महत्वपूर्ण विषय पर कुछ लिखने जा रहा हूँ। आप सभी को पता है पंचायत के तीन उपभाग ग्राम पंचायत , क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत है एवम उसमे सबसे अहम ग्राम पंचायत होता है।

ग्राम पंचायत में विभिन्न कार्य जैसे सड़क, नाली , आवास एवं तालाब संबंधित कार्य हमेशा होते रहते है । यह कार्य किस स्तर पर या कौन सा कार्य सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया या कौन सा कार्य पूर्ण हुआ सभी को जानने की इच्छा होती है।

अगर आप जानना चाहते है तो आपको कुछ नही करना बस एक क्लिक करने की जरूरत है और जानकारी प्राप्त कर सकते है।

या इस वीडियो में देख कर पता कर सकते है।